नाट्य समारोह 2023-24

अपने नियमित कार्यक्रमों के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी द्वारा समय-समय पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रत्येक वित्तीय-वर्ष में तीन सम्भागीय नाट्य समारोहों का आयोजन किया जाता है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2023-24 में चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का आयोजन हिन्दी भवन समिति, गाज़ियाबाद के सहयोग से (दिनांक 04 से 07 जनवरी, 2024) तक दिनेश चन्द्र गर्ग सभागार, गाज़ियाबाद में आयोजित किया गया। इसमें प्रथम संध्या को- बैक स्टेज, प्रयागराज के नाटक ‘बाज़ी’, का मंचन किया गया जिसका लेखन श्री एंतोन चेखोव तथा निर्देशन श्री प्रवीण शेखर द्वारा किया गया। दूसरी संध्या को थिएट्रान, लखनऊ के नाटक ‘द गुड डाॅक्टर’,का मंचन किया गया जिसके लेखक नील साइमन व निर्देशक सुब्रत राय थे। तीसरी संध्या को मंथन आर्ट्स सोसाइटी, शाहजहाँपुर के नाटक ‘प्रणाम काकोरी’, का मंचन जिसका लेखन महेश सक्सेना व निर्देशन शिवा सक्सेना द्वारा किया गया। समारोह की चैथी एवं अन्तिम संध्या को गौरी कला मण्डप, वाराणसी के नाटक ‘शिलप्पदिकारम्’ का सफलतापूर्वक मंचन किया गया। जिसके लेखक इलागो अडिगल तथा निर्देशक डाॅ0 दिव्या श्रीवास्तव थीं।

अकादमी द्वारा चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का आयोजन छत्रपति शाहूजी महाराज, विश्वविद्यालय, कानपुर के सहयोग से (दिनांक 22 से 25 जनवरी, 2024) वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई प्रेक्षागृह, कानपुर में किया गया। आयोजित नाट्य समारोह की प्रथम संध्या को- श्रृद्धा मानव सेवा समिति, लखनऊ के नाटक ‘कंजूस’, का मंचन किया गया जिसका रूपांतरण हज़रत आवारा तथा निर्देशन अशोक लाल द्वारा किया गया था। दूसरी संध्या को यथार्थ क्रिएशन, वाराणसी के नाटक ‘ध्रुस्वामिनी’, को मंचित किया गया, जिसके लेखक जयशंकर प्रसाद व निर्देशक डाॅ0 शुभ्रा वर्मा थीं। तीसरी संध्या दर्पण, गोरखपुर के नाटक ‘माया राम की माया’ के नाम रही। नाटक के लेखक जयवर्धन तथा निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया था। चैथी संघ्या को समूहन कला संस्थान, आज़मगढ़ के नाटक ‘सुन लो स्वर पाषाण शिला के’ का मंचन किया गया। जिसके लेखक संतोष कुमार तथा निर्देशक राजकुमार शाह थे।

अकादमी द्वारा आयोजित चार दिवसीय सम्भागीय नाट्य समारोह का आयोजन एनटीपीसी सिंगरौली, सोनभद्र के सहयोग से (दिनांक 31 जनवरी से 03 फरवरी, 2024) तक सरस्वती सभागार, कर्मचारी विकास केन्द्र, सिंगरौली, सोनभद्र में आयोजित किया गया। इसमें प्रथम संध्या को- ज्ञान प्रवाह वाराणसी के नाटक ‘कर्णभारम’, का मंचन किया गया जिसके लेखक महाकवि भास तथा निर्देशक प्रो0 युगल किशोर मिश्र थे। दूसरी संध्या को मदर सेवा संस्थान, लखनऊ के नाटक ‘ठग ठगे गए’, को मंचित किया गया जिसके लेखक सुशील कुमार सिंह व निर्देशक महेश कुमार देवा थे। समारोह की तीसरी संध्या को समन्वय, प्रयागराज के नाटक ‘पानी रे पानी’ का मंचन किया गया जिसके लेखक रामेश्वर गोदारा ग्रामीण व निर्देशक सुषमा शर्मा थीं। कार्यक्रम की चौथी व अन्तिम संध्या को कलापुंज, कानपुर के नाटक Pankaj का सफलतापूर्वक मंचन किया गया। जिसका लेखन पु0ल0देशपाण्डे व निर्देशन जितेन्द्र शंकर अवस्थी द्वारा किया गया था।