आज़ादी का अमृत महोत्सव

'आजादी का अमृत महोत्सव' दिनांक 15 जून, 2021 को उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी द्वारा स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाठ के अवसर पर आजादी के अमृत महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसका शुभारम्भ अकादमी के प्रोड्यूसर श्री तरूण राज एवं संचालन श्रीमती रेनू श्रीवास्तव द्वारा किया गया,इस कार्यक्रम में सुश्री अलका ठाकुर, लखनऊ ने बांसुरी व श्री दुर्गेश यादव, मऊ ने भक्तिपूर्ण गायन के माध्यम से कार्यक्रम की शुरूआत की तथा कार्यक्रम के अंत में दोनो कलाकारों ने देशभक्ति पूर्ण गीतों से कार्यक्रम का समापन किया।

'आजादी का अमृत महोत्सव' दिनांक 18 जून,2021 को रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस के अवसर पर आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम का शुभारम्भ अकादमी के प्रोड्यूसर श्री तरूण राज एवं संचालन श्रीमती रेनू श्रीवास्तव द्वारा किया गया, इस कार्यक्रम के अंतर्गत बाराबंकी जिले के श्री राम किशोर तिवारी द्वारा वीर रस कविता का पाठ तथा श्री नरेन्द्र वर्मा ‘मृदुल’ सीतापुर द्वारा गायन के माध्यम से रानी लक्ष्मीबाई पर आधारित गीतों की प्रस्तुति दी।

'हिन्दुस्तानी संगीत में अहम है कंठ साधना संस्कार', चौरी-चौरा शताब्दी समारोह और आजादी का अमृत महोत्सव के तहत उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से हिन्दुस्तानी संगीत में कंठ संस्कार विषयक वेबिनार का आयोजन हुआ। अकादमी द्वारा आयोजित इस वेबिनार में लखनऊ की सीमा भारद्वाजए दिल्ली के पं देवेंद्र शर्मा 'बृजरंग' वाराणसी के डॉ राम शंकर और झांसी के समीर भालेराव ने अपने विचार रखे। संगीतज्ञों ने शास्त्रीय गायकी में ढली बंदिशे सुनाकर कंठ संस्कार के कई उदाहरण दिये।

अकादमी सचिव तरुण राज ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि हिन्दुस्तानी संगीत में कंठ संस्कार विषय काफी विस्तारित है। शब्द और अक्षरों की साधना करना उन्हें सुरों के जरिये लोगों तक पहुंचना कठिन कार्य है।

कथक पल्लव

दिनांक 30 जून, 2021 को उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी, के अन्तर्गत स्थापित कथक केन्द्र, लखनऊ द्वारा आयोजित कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए दिनांक 01 जून से 30 जून तक एक माह की निःशुल्क कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में लगभग 650 बच्चों ने प्रतिभाग किया, अकादमी द्वारा आयोजित कार्यशालाएं 8 पालियों में विभाजित कर संचालित की गई। इन कार्यशालाओं का संचालन कथक केन्द्र के निदेशक श्री तरूण राज के निर्देशन में कथक केन्द्र की प्रशिक्षकाओं सुश्री श्रुति शर्मा एवं सुश्री नीता जोशी द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में 8 वर्ष से 56 वर्ष तक के अभ्यर्थियों को कथक के आगामी हस्तक, टुकड़े, परमेलू, परन, नटवरी, कवित्त, तिहाईयों के अतिरिक्त भावपक्ष ठुमरी, गजल, भजन एवं सूफी इत्यादि भाव सीखने का अवसर प्राप्त हुआ।

कार्यशाला का समापन कार्यक्रम चौरी-चौरा शताब्दी वर्ष एवं आजादी के अमृत महोत्सव को यादगार बनाते हुये देशभक्ति कविताओं ‘‘स्व0 अटल बिहारी वाजपेई जी द्वारा रचित ‘‘कंठ-कंठ में एक राग है’’ एवं ‘‘माखन लाल चतुर्वेदी द्वारा रचित ‘पुष्प की अभिलाषा’ एवं चौरी-चौरा घटना पर आधारित गीतों को कथक नृत्य में पिरोकर देशभक्त वीरों को नमन अर्पित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।

स्वतंत्रता आंदोलन-नाट्य लेखन

उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के द्वारा दिनांक 16 जुलाई, 2021 को आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत "स्वतंत्रता आंदोलन-नाट्य लेखन" विषयक वेबिनार एवं अभिलेखागार रिकॉर्डिंग का आयोजन किया गया जिसमें लखनऊ से श्री सुशील कुमार सिंह, गाज़ियाबाद से श्री राजेश कुमार, मंबई से श्री विजय पण्डित, एवं दिल्ली से श्री संगम पाण्डे, ने अपने-अपने विचार रखे। वेबिनार में विद्वान लेखकों का स्वागत करते हुए अकादमी के सचिव श्री तरुण राज ने कहा कि आज का विषय कई दृष्टियों से अहम है। आजादी के लिए किसानए नेताए मजदूर, कलाकार, साहित्यकार सब अपने-अपने तरह से संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नाटक के क्षेत्र में निर्देशक समाज तक विचारों को पंहुचाने का कार्य करता है। अंत में वेबिनार को संचालन कर रही अकादमी की नाट्य सर्वेक्षक श्रीमती शैलजा कांत ने सभी वक्ताओं और वेबिनार में शामिल दर्शकों-श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।

उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ के अंतर्गत दिनांक 20 जुलाई 2021 को स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ उत्सव के अन्तर्गत ऑनलाइन कार्यक्रम ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव" के तहत स्वाधीनता का जयघोष पखावज का नाद बनकर उभरा। अकादमी द्वारा आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में कौशिकी झा एवं वैभव रामदास के युगल पखावज वादन में उत्साह भरे शास्त्रीय गायन से लोगो को मोह लिया।

आजादी का अमृत महोत्सव

दिनांक 26 जुलाई, 2021 को उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ द्वारा कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करते हुए स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ उत्सव के अंतर्गत एवं कारगिल विजय दिवस के अवसर पर ‘आजादी का अमृत महोत्सव' ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आरम्भ करते हुए अकादमी सचिव श्री तरूण राज ने दर्शकों और श्रोताओं का स्वागत करते हुए कारगिल शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किये और कहा कि इस श्रृंखला के कार्यक्रमों की भावना यह है कि देश पर न्योछावर होने वाले ऐसे जवानों की बदौलत हम सुरक्षित रह पा रहे हैं, हम आजादी को अक्षुण्ण रखने वाले सेनानियों, क्रान्तिकारियों और कला के जरिये देश सेवा करने वाले व्यक्तित्वों का स्मरण ऐसे कार्यक्रमों के जरिए करते रहना चाहिए। इस कार्यक्रम में शास्त्रीय-उपशास्त्रीय गायक प्रवीण कुमार; लखनऊ सारंगी वादक जीशान अब्बास; लखनऊ एवं कवयित्री ज्योति किरन सिन्हा; लखनऊ ने अपने गायन, वादन और काव्यमय रचनाओं से देशभक्ति की भावना को जाग्रत करते हुए शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किये।

वीर शहीदों को नमन

संस्कृति विभाग उ0प्र0 द्वारा ‘‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’’ एवं ‘‘चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव’’ आयोजन की श्रृंखला के अन्तर्गत दिनांक 09 अगस्त, 2021 को ‘काकोरी एक्शन’ थीम की वर्षगांठ पर बाजनगर, काकोरी में आयोजित कार्यक्रम में उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी द्वारा ‘काकोरी ट्रेन एक्शन थीम’ पर कथक केन्द्र की छात्राओं द्वारा ‘‘क्रांतिकारियों तुम्हें नमन’’ नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। इस प्रस्तुति को  मा0 राज्यपाल महोदया सुश्री आनन्दीबेन पटेल द्वारा सराहा गया तथा उपस्थित जन समूह द्वारा भी प्रशंसा की गई। इस अवसर पर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री महोदय भी उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम को देखने के लिए निम्न लिंक पर क्लिक करें:
https://youtu.be/n9PXHSn8fmg

शहीदों ने लौ जगाई जो

उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी, कथक केन्द्र लखनऊ द्वारा कोविड-19 की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए दिनांक 14 अगस्त, 2021 को ‘‘आज़ादी का अमृत महोत्सव एवं चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव’’ के अन्तर्गत स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर देश की आज़ादी के लिए शहीद वीरों को समर्पित कथक नृत्य-नाटिका ‘‘शहीदों ने लौ जगाई जो’’ में कवि श्री सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘‘निराला’’, स्व0 उर्मिल कुमार थपलियाल एवं ‘‘श्री राम प्रसाद बिस्मिल’’ द्वारा रचित काव्यों का समावेश कथक नृत्य में पिरोकर किया गया, गोण्डा के आल्हा गायक सहीराम पांडेय और उनके साथियों ने अपने जोशीले स्वरों से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का पुण्य स्मरण किया।

"आजादी के अमृत महोत्सव" एवं "चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव आयोजन" की श्रृंखला में उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी कथक केन्द्र की छात्राओं द्वारा दिनांक 09 अगस्तए 2021 को 'काकोरी ट्रेन एक्शन थीम' पर 'क्रांतिकारियों तुम्हें नमन' नृत्य नाटिका की प्रस्तुति की।

उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी, कथक केन्द्र लखनऊ द्वारा कोविड-19 की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए दिनांक 14 अगस्तए 2021 को "आज़ादी का अमृत महोत्सव" एवं "चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव" के अन्तर्गत स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगाँठ के अवसर पर देश की आज़ादी के लिए शहीद वीरों को समर्पित कथक नृत्य-नाटिका शहीदों ने लौ जगाई जो में कवि श्री सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला', स्व0 उर्मिल कुमार थपलियाल एवं श्री राम प्रसाद 'बिस्मिल' द्वारा रचित काव्यों का समावेश कथक नृत्य में पिरोकर किया गयाए गोण्डा के आल्हा गायक सहीराम पांडेय और उनके साथियों ने अपने जोशीले स्वरों से स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का पुण्य स्मरण किया।

आज़ादी का अमृत महोत्सव

उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी, कथक केन्द्र लखनऊ द्वारा, दिनांक 16 अगस्त, 2021 को ‘‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’’ एवं ‘‘चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव’’ आयोजन की श्रृंखला के अन्तर्गत भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जहां वीर-वीरांगनाओं ने अपने प्राणों को न्यौछावर कर देश को आजादी दिलाने का महान कार्य किया वहीं कई लेखकों ने अपनी कलम से आज़ादी के आन्दोलन को एक नई शक्ति प्रदान की। इसी क्रम में सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी, माखनलाल चतुर्वेदी, सुमित्रानन्दन पंत आदि के साथ-साथ डॉ0 सुभद्रा कुमारी चौहान जी का नाम भी मुख्य है। सुभद्रा कुमारी चौहान जी ने झांसी की रानी के सम्पूर्ण जीवन कृत्य पर आधारित कविता ‘झांसी की रानी’ लिखकर, भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में झांसी की रानी के योगदान का बहुत ही खूबसूरत चित्रण किया है। इन्हीं की कविताओं पर आधारित कथक नृत्य नाटिका ‘‘मणिकर्णिका’’ की प्रस्तुति डॉ0 सुरभि शुक्ला के निर्देशन में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र प्रेक्षागृह, प्रयागराज में की गई। इस नाटिका के अंत में आधुनिक भारत के लिए एक संदेश भी दिया गया है।

उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी, कथक केन्द्र लखनऊ द्वारा, दिनांक 16 अगस्तए 2021 को आज़ादी का "अमृत महोत्सव" एवं "चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव आयोजन" की श्रृंखला के अन्तर्गत डॉ0 सुभद्रा कुमारी चौहान की कविताओं पर आधारित कथक नृत्य नाटिका मणिकर्णिका की प्रस्तुति डॉ0 सुरभि शुक्ला के निर्देशन में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र प्रेक्षागृह, प्रयागराज में की गई।

उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी द्वारा दिनांक 01 अक्टूबर, 2021 को चौरी-चौरा शताब्दी एवं आजा़दी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के जन्म दिवस के अवसर पर श्री रामचन्द्र जी के भजनों पर आधारित गायन कार्यक्रम किया गया।

महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कार्यक्रम का आरम्भ हुआ, अतिथियों का स्वागत करते हुए अकादमी सचिव, श्री तरुण राज ने अहिंसा के पुजारी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। महात्मा गांधी के सत्य के प्रयोगों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन सिद्धांतों को गांधीजी ने दूसरों को बताया, उन्हें पहले खुद के आचरण में उतारा।

कार्यक्रम की शुरुआत लखनऊ की गायिका विभा सिंह ने गोस्वामी तुलसीदास की भजन रचना- जाके प्रिय न राम वैदेही से समर्पण भरे स्वरों में की। मानस रचयिता गोस्वामी जी की राग शिवरंजनी में निबद्ध और खुद की स्वरबद्ध एक और भजन रचना- वन चले राम रघुराई को प्रस्तुत करते हुए श्रोताओं में करुणा का संचार किया। केशरीनाथ त्रिपाठी की रचना- मैंने भजा है जय श्री राम.... को राग जोग में बांधकर की।

कार्यक्रम के दूसरे कलाकार के तौर पर कथा, प्रवचन व सुगम गायन में सिद्धहस्त और गुरु निम्बकाचार्य से दीक्षित मथुरा के सर्वेश्वर शरण भक्ति सरिता का आरम्भ राग भैरवी में बंधी नाम धुन- राजाराम राम राम सीता राम राम राम......से मधुर स्वरों में की। सधे गायक सर्वेश्वर ने गायन के बीच-बीच में श्रीराम प्रसंगों की चर्चा करते हुए- राम नाम अति मीठा है कोई गाके देख ले....,  वैष्णव जन....., राम नाम के साबुन से जो मनका मैल छुड़ाएगा और रघुपति राघव राजा राम जैसे लोकप्रिय कई भजन और सुनाए।

अमृत रंग उत्सव

उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उ.प्र.) द्वारा आज़ादी का अमृत महोत्सव एवं चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव के अन्तर्गत ‘‘अमृत रंग उत्सव’’ का भव्य अयोेजन दिनांक 17.12.2021 से 21.12.2021 तक संत गाडगेजी महाराज प्रेक्षागृह में किया गया।

दिनांक 17.12.2021 को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) की ओर से आजादी का अमृत महोत्सव एवं चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत अमृत रंग उत्सव का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विशेष अतिथि जस्टिस एससी वर्मा, वरिष्ठ कथक नृत्यांगना डॉ पूर्णिमा पांडेय, आईएएस हरि प्रताप शाही, संगीत नाटक अकादमी के सचिव तरुण राज, वरिष्ठ रचनाकार, सर्वेश अस्थाना, आई.ए.एस अखिलेश मिश्र सहित अनेक कलाप्रेमी मौजूद थे। दीप प्रज्ज्वलन के उपरान्त जस्टिस एससी वर्मा ने कहा कि लखनऊ देशभर में अपनी अनूठी नाट्य प्रस्तुतियों की वजह से जाना जाता है। लेकिन नाट्य कलाकारों को वैसी सुविधाएं नहीं मिल पातीं। इस ओर संगीत नाटक अकादमी इसके लिए नए प्रयास कर रहा है। अकादमी सचिव तरुण राज ने कहा कि आजादी के इस अमृत महोत्सव के जरिये हम जन जन को स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल अनाम शहीदों के व्यक्तित्व व योगदान को बता रहे हैं।

अमृत रंग उत्सव के पहले दिन की शुरुआत भारतेंदु नाट्य अकादमी के नाट्य लेखक, निर्देशक मनोज शर्मा की परिकल्पना व निर्देशन में नाटक ‘अग्नि कहीं भड़क न जाये’ से किया गया। नाटक का मंचन भारतेंदु नाट्य अकादमी रंगटोली की ओर से चित्रा मोहन के लेखन में हुआ। नाटक स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक चौरी-चौरा घटना पर आधारित था।

दिनांक 18.12.2021- उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश) की ओर से आजादी का अमृत महोत्सव एवं चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत अमृत रंग उत्सव के दूसरे दिन शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समारोह में अतिथि के तौर पर प्रमुख सचिव संस्कृति व पर्यटन मुकेश मेश्राम, ब्रिगेडियर ए.के.सिन्हा और समाजसेवी अरुण अग्रवाल उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ पं विश्वमोहन भट्ट, प्रमुख सचिव पर्यटन व संस्कृति मुकेश मेश्राम व संगीत नाटक अकादमी के सचिव तरुण राज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर मुकेश मेश्राम ने पं विश्वमोहन भट्ट , सलिल भट्ट व अभिषेक मिश्र का प्रतीक चिन्ह देकर व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर मोहन वीणा पर पं विश्व मोहन भट्ट, सात्विक वीणा पर सलिल भट्ट और तबले पर अभिषेक मिश्र ने महफिल जमाई। ग्रैमी अवार्ड विजेता पं विश्व मोहन भट्ट ने अपनी मोहन वीणा के सुमधुर धुनों से दर्शकों को आनंदित कर दिया। प्रस्तुति की शुरुआत उन्होंने राग गावति में अलाप, जोड़ और झाला पेश किया, इसके बाद राग किरवानी में उन्होंने राजस्थानी लोक धुन हिचकी, राजस्थानी लोक रंग, पहाड़ी की संस्कृति, एवं अपनी चर्चित धुन ए मीटिंग बाई द रिवर को मोहन वीणा के स्वरों में बखूबी पेश किया और कार्यक्रम के अंत में पं विश्व मोहन ने वंदे मातरम गान की सुमधुर धुन पेश कर हर किसी को देशभक्ति के जोश से भर दिया।

दिनांक 19.12.2021- उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश) की ओर से आजादी का अमृत महोत्सव एवं चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत अमृत रंग उत्सव की तीसरी संध्या थिएटर ग्रुप द कल्चर फैक्ट्री की ओर से नाटक ‘दूर तक यादें वतन आईं थीं समझाने को’ से किया गया। आयोजित कार्यक्रम में होमगार्ड्स के अपर मुख्य सचिव अनिल कुमार, समाजसेवी राजेश जायसवाल ने कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्जवलन कर किया।

दिनांक 20.12.2021- उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) की ओर से आजादी का अमृत महोत्सव एवं चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत ‘अमृत रंग उत्सव’ की चौथी संध्या को लोक संगीत कार्यक्रमों से किया गया। आयोजित कार्यक्रम में आईएस हरिप्रताप शाही, उस्ताद युगांतर सिंदूर एवं अकादमी सचिव तरुण राज ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया इस अवसर पर कलाकारों को प्रतीक चिन्ह देकर व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की शुरूआत तबला वादक शेख इब्राहिम के संयोजन में कलाकारों द्वारा एक दुर्लभ वाद्य यंत्रों के वादन से हुई। उन्होंने ताल वाद्य कचहरी प्रस्तुति से लोगों को आनंदित कर दिया। इसके बाद लोक गायिका वंदना मिश्रा ने देवी गीत ‘ जगदम्बा घर में दीयना बार आईल होई’, पारंपरिक बधाई गीत ’ जन्में अवध रघुराई कौशल्या मैया दे दो बधाई‘ और आखिर में भारत की गरिमा बखानी हमार है तिरंगा व मोसे दगा करें अब नैना सुनाकर दर्शकों को आनंदित कर दिया।

आल्हा गायिका शीलू राजपूत ने ‘ओ भारत मां की आजादी का चंद्रशेखर ने किया विचार‘ सुनाकर शहीद चंद्रशेखर आजाद की वीरता का बखान किया। इसके बाद नदी बेतवा की लड़ाई का अपने आल्हा गायन में जीवंत वर्णन किया। ‘धार बयालिस नदी बेतवा पृथ्वीराज ने लिये घेराव‘ गाकर लोगों में देशभक्ति का जोश भर दिया।

दिनांक 21.12.2021:- आजादी का अमृत महोत्सव व चौरी-चौरा शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित पांच दिवसीय अमृत रंग उत्सव का समापन मथुरा की पारम्परिक नौटंकी से हुआ। कार्यक्रम में पूर्व लोकायुक्त जस्टिस एस.सी. वर्मा, आई.ए.एस पवन कुमार, पूर्व अध्यक्ष संगीत नाटक अकादमी डॉ पूर्णिमा पांडे, संगीत नाटक अकादमी के सचिव तरुण राज ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ कर कलाकारों के सम्मानित किया। अकादमी द्वारा आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत मथुरा के लोक कलाकारों द्वारा पारम्परिक नौटंकी के मंचन से की गई। जिसमें अमर शहीद राजा नाहर सिंह के कथानक को लिया गया है। चरित्र की प्रभावी प्रस्तुति दी। नौटंकी के लेखक व निर्देशक डॉ0 खेमचंद यदुवंशी थे।

‘‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’’ के अन्तर्गत उ0प्र0संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उ0प्र0) द्वारा दिनांक 06-09 मई, 2022 तक चार दिवसीय ‘‘अमृत संगीत उत्सव’’ का आयोजन ऋषिकुल इण्टरनेशनल स्कूल, महावन-गोकुल, मथुरा में सफलतापूर्वक किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उ0प्र0 के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री माननीय श्री जयवीर सिंह जी, विशिष्ट अतिथि गोवर्धन विधायक माननीय मेघश्याम सिंह एवं विधायक बलदेव पूरन प्रकाश, व गोकुल के चेयरमैन संजय दीक्षित उपस्थित रहे। इस अवसर पर अकादमी सचिव तरूण राज ने स्वागत करते हुए माननीय मन्त्री श्री जयवीर सिंह के साथ दीप प्रज्जवलित कर ‘अमृत संगीत उत्सव’ के पहले दिन के कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। मा0 मंत्री जी ने कहा प्रदेश सरकार ब्रज क्षेत्र बुंदेलखण्ड की संस्कृति को बढ़ाने के लिए प्रयत्नशील है जिससे संस्कृति के अंश आगे आने वाली पीढ़ी को मिल सके। उन्होंने कहा आने वाले दिनों में ब्रज का बदला हुआ स्वरूप दिखाई देगा।

अमृत संगीत उत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन अपराह्न 3:00 बजे से स्कूली बच्चों की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों की वेशभूषा पर आधारित प्रतियोगिता, चित्रकला के माध्यम से राष्ट्रीय झण्डा, शहीदों तथा धार्मिक प्रतियोगिताओं में राधा-कृष्ण के स्वरूपों का चित्रण किया गया।
गायन कार्यक्रमः

दिनांक

कलाकार

कार्यक्रम

06.05.2022

- सर्वेश्वर शरण, वृन्दावन  

- वाटकर सिस्टर्स, नागपुर

भजन गायन

07.05.2022

- माधुरी शर्मा, मथुरा                     

- रजनी महाराज एवं त्रिभुवन महाराज, नई दिल्ली  

- ब्रज लोक गायन

- कथकनाट्यम

08.05.2022

पद्मविभूषण विदुषी गिरिजा देवी जी की जयन्ती के अवसर पर ‘पुष्पांजलि’
- आस्था गोस्वामी, मथुरा  

- पद्मश्री मालिनी अवस्थी, लखनऊ

गायन

09.05.2022

- शिवानी शुक्ला, वाराणसी      
- वंदना श्री, मथुरा   

- भजन गायन

- ब्रज लोक गायन एवं नृत्य

‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के अन्तर्गत उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी (संस्कृति विभाग उ0प्र0) तथा दीप सामाजिक संस्थान, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 2 अगस्त, 2022 को राष्ट्रीय ध्वज के अभिकल्पक पिंगली वेंकय्या के जन्मदिवस पर ‘समर्पयामि’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर, संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव श्री मुकेश मेश्राम, विशेष सचिव श्री आनंद कुमार अन्तर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के अध्यक्ष भदन्त शांति मित्र सहित कई प्रमुख गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

अकादमी के सचिव श्री तरुण राज ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अकादमी की गतिविधियों की जानकारी दी तथा दीप सामाजिक संस्थान की अध्यक्ष उर्मिला पांडेय ने प्रमुख सचिव श्री मुकेश मेश्राम को पुष्प गुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया।

इस अवसर संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव श्री मुकेश मेश्राम ने कहा कि पिंगली वेंकय्या जी ने भारतीय ध्वज की परिकल्पना की। उन्होंने बहुत सारे देशों के ध्वजों का अध्ययन कर भारतीय ध्वज की परिकल्पना की और महात्मा गांधी जी को समर्पित किया था। उन्होंने कहा कि केसरिया रंग शौर्य, बलिदान का प्रतीक है। सफेद शांति, सच्चाई, सादगी से जुड़ा है तथा हरा रंग प्रकृति, पर्यावरण और विकास का परिचायक है। उन्होंने कहा कि पहले ध्वज के केन्द्र में चरखा था, कालांतर में चक्र रखा गया। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान के तहत 13,14 एवं 15 अगस्त को हर भारतवासी तिरंगा फहराए।

आयोजित भव्य समारोह में देश भक्ति गीत और नृत्य की प्रस्तुति, अभिलेख प्रदर्शनी तथा देश गीत एवं वर्षा ऋतु गीत का आयोजन किया गया। आजादी के 75 वर्ष के अवसर पर कथक केन्द्र के 75 प्रशिक्षणार्थियों द्वारा हर घर तिरंगा कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रस्तुत झंडा गीत- ‘लहराए जा घर घर तिरंगा’ नृत्य प्रस्तुति काफी प्रभावशाली रही, 75 बच्चों द्वारा प्रस्तुत झंडा गीत नृत्य प्रस्तुति आकर्षण का विशेष केन्द्र बन गई। प्रस्तुति में दर्शाया गया था कि किस प्रकार हमारा झंडा हमारे देश का स्वाभिमान है। यह हर भारतवासियों के लिए मान-सम्मान, पहचान, बलिदान एवं स्वाभिमान का प्रतीक है।

उ0प्र0संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ के अन्तर्गत स्थापित कथक केन्द्र, की छात्राओं द्वारा ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के अन्तर्गत आयोजित स्वतंत्रता सप्ताह में कथक नृत्य नाटिका ‘‘मणिकर्णिका’’ का प्रस्तुतिकरण दिनांक 12 अगस्त, 2022 को राजकीय संग्रहालय, झांसी में तथा दिनांक 15 अगस्त, 2022 को सिरसागंज, मैनपुरी में की गई।

भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जहाँ कई वीर-वीरांगनाओं ने अपने प्राणों को न्योछावर कर देश को आजादी दिलाने का महान कार्य किया, वहीं कई लेखकों, कवियों ने भी अपनी लेखनी के माध्यम से आज़ादी के आन्दोलन को शक्ति प्रदान की। इस क्रम में सुभद्रा कुमारी चौहान जी ने झांसी की रानी के संपूर्ण जीवन कृत्य पर आधारित कविता ‘झांसी की रानी’’ लिखकर भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मीबाई जी के योगदान का बड़ा ही सजीव चित्रण किया है।

इन्हीं पंक्तियों पर आधारित है नृत्य-नाटिका, ‘‘मणिकर्णिका’’। इस नृत्य संरचना में झांसी की रानी का बचपन, विवाह तथा वैधव्य के बाद रानी का अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष तथा उनके सर्वोच्च बलिदान का बहुत सजीव चित्रण किया गया है।

नृत्य संरचना मणिकर्णिका का निर्देशन डॉ0सुरभि शुक्ला एवं परिकल्पना श्री तरूण राज द्वारा की गई है तथा संगीत एवं गायन - श्री कमलाकांत, तबला एवं पढ़ंत - श्री राजीव शुक्ला, सितार - डॉ0 नवीन मिश्र, बांसुरी - श्री दीपेन्द्र कुंवर, मेकअप - श्री शहीर व साथी।

76वें स्वतंत्रता दिवस के सुअवसर पर दिनांक 15 अगस्त, 2022 को, विधान भवन के सम्मुख उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्य नाथ जी, के समक्ष ध्वजारोहण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के अन्तर्गत उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी के कथक केन्द्र लखनऊ द्वारा कथक केन्द्र के 75 प्रशिक्षणार्थियों द्वारा झंडा गीत पर आधारित नृत्य नाटिका- ‘सबका गर्व तिरंगा’ की प्रस्तुति की गई। प्रस्तुति में दर्शाया गया था कि किस प्रकार हमारा झंडा हमारे देश का स्वाभिमान है। यह हर भारतवासियों के लिए मान-सम्मान, पहचान, बलिदान एवं स्वाभिमान का प्रतीक है। आयोजित कार्यक्रम की परिकल्पना - श्री तरूण राज, नृत्य निर्देशन- सुश्री श्रुति शर्मा एवं सुश्री नीता जोशी तथा संगीत निर्देशन - श्री कमलाकांत एवं द्वारा किया गया।

उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ द्वारा कथक केन्द्र के संस्थापक, निदेशक एवं कथक सम्राट पं. लच्छू महाराज जी की जयंती के अवसर पर दो दिवसीय ‘नमन’ कार्यक्रम का आयोजन दिनांक- 31 अगस्त, व 01 सितम्बर, 2022 को किया गया। आजादी का अमृत महोत्सव आयोजन की श्रृंखला के अन्तर्गत कथकाचार्य पं0 लच्छू महाराज की जयंती पर समारोह की प्रस्तुतियों को मुख्यतः कथक के लास्य अंग पर आधारित रखा गया। समारोह का उद्घाटन अकादमी के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ.राजेश्वर आचार्य, पूर्व अध्यक्ष डॉ.पूर्णिमा पांडेय एव अकादमी सचिव श्री तरुण राज ने दीप प्रज्जवलन तथा कथकाचार्य पंडित लच्छू महाराज के चित्र पर माल्यार्पण करके किया। अकादमी के अध्यक्ष पद्मश्री राजेश्वर आचार्य ने कहा कि महापुरुष अपने कृतित्व से जीते हैं और अपनी यश काया में हमारे बीच रहते हैं। अकादमी की पूर्व अध्यक्ष डॉ.पूर्णिमा पांडेय ने कहा कि कथकाचार्य पंडित लच्छू महाराज ने नृत्य को अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत करने का महत्त्वपूर्ण कार्य किया। अकादमी के सचिव श्री तरुण राज ने आरंभ में स्वागत करते हुए अकादमी की गतिविधियों की जानकारी दी और बताया कि कथक केन्द्र ने किस प्रकार अपनी 50 वर्षों की लंबी यात्रा तय कर ली है। इस लंबी यात्रा में कथक के कई विख्यात गुरु केन्द्र से जुड़े तथा केन्द्र ने ढेर सारी यादगार कथक प्रस्तुतियां दीं।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आरंभ कथक केन्द्र की प्रस्तुति ‘कृष्ण वंदन’ से किया गया जिसमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं एवं उनकी बांसुरी का वर्णन किया गया जो राग ‘खमाज’ एवं ताल ‘कहरवा’ में निबद्ध था तथा इसमें नटवरी एवं कवित्त का भी समावेश किया गया। तत्पश्चात् लखनऊ की युवा नृत्यांगना सुश्री ईशा एवं मीशा रतन ने युगल नृत्य का कार्यक्रम प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने कार्यक्रम की शुरुआत राधा कृष्ण पर आधारित कविता पर भाव प्रदर्शन से किया जिसके बोल - ‘विष्णु की मोहमयी महिमा के असंख्य स्वरूप दिखा गया कान्हा’, अन्त में तीन ताल में कवित्त, परन, बेदम तिहाई, चक्करदार का सुंदर निकास एवं जुगलबंदी की गई।

दिल्ली से आये त्रिभुवन महाराज ने अपनी प्रस्तुति ‘विरासत’ में सर्वप्रथम शिव और पार्वती के अर्धनारीश्वर रूप पर आधारित पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज द्वारा रचित ‘अर्धान्ग भस्म भभूत सोहे अर्ध मोहिनी रूप’, से अपने कार्यक्रम का आरंभ किया, जिसमें पंडित लच्छू महाराज जी द्वारा रचित कवित्त भी शामिल था। तत्पश्चात तीन ताल में त्रिभुवन महाराज ने पारंपरिक कथक नृत्य किया, जिसमें लास्य अंगो का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की अन्तिम प्रस्तुति स्विटजरलैंड से आईं पाली चन्द्रा ने ‘कथक नृत्य’ की सुन्दर प्रस्तुत दी। गुरु विक्रम सिंघे, पंडित राममोहन महाराज और कपिला राज से कथक की बारीकियां सीखने वाली पाली चन्द्रा ने इस मौके पर लखनऊ से अपने गहरे जुड़ाव को भी याद किया। अपने कार्यक्रम में उन्होंने जयदेव रचित ‘गीत गोविन्द’ के दो पदों की प्रस्तुति की जिनमें राधा के वियोग और श्रृंगार का वर्णन किया गया।

इसी कड़ी के अन्तर्गत कार्यक्रम की द्वितीय संध्या में अकादमी अध्यक्ष पद्मश्री राजेश्वर आचार्य, उपाध्यक्ष श्री धन्नू लाल गौतम, पूर्व अध्यक्ष पूर्णिमा पांडेय, अकादमी सचिव श्री तरूण राज, वरिष्ठ नृत्यांगना कुमकुम धर एवं पाली चंद्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारम्भ किया।

प्रथम प्रस्तुति कथक केन्द्र द्वारा गुरु वंदन-‘गुरु चरनन में शीश नवाऊं’ से हुआ जिसमें कलाकारों ने गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए पंडित लच्छू महाराज को कथक के पुष्प समर्पित किए। अगली प्रस्तुति में कथक केन्द्र के कलाकारों ने रास-रंग की मनमोहक प्रस्तुति दी।

तत्पश्चात विख्यात कथक नर्तक पद्मश्री पंडित शंभू महाराज की पौत्री इप्शिता मिश्रा ने एकल नृत्य से कथक गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपने कार्यक्रम में कबीर बानी से शुरुआत करते हुए पारंपरिक तीन ताल की प्रस्तुति की।

दिल्ली की ही शुभी जौहरी और अमित खिंची का युगल नृत्य भी संध्या में आकर्षण का केन्द्र रहा। पंडित बिरजू महाराज के पुत्र पंडित जयकिशन महाराज की शिष्या शुभी ने सूरदास के पदों की प्रस्तुति की। दुबई की स्वरश्री श्रीधर ने नज्म- ‘गोरी करत श्रृंगार’ पर भाव प्रस्तुत किया। इस नज़्म को लखनऊ के दिवंगत गायक रवि नागर ने संगीतबद्ध किया था। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति में नयनिका घोष ने निरतत् ढंग की प्रस्तुति की जिसमें लखनऊ घराने की बारीकियां और खूबियों का सुंदर प्रदर्शन था।