पद्मविभूषण गिरिजा देवी जी की स्मृति में 'पुष्पांजलि'

उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, गोमती नगर, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उ0प्र0) द्वारा सुविख्यात शास्त्रीय-उपशास्त्रीय गायिका पद्मविभूषण गिरिजा देवी जी की स्मृति ‘‘पुष्पांजलि’’ शीर्षक से भव्य समारोह का आयोजन प्रदेश के विभिन्न शहरों में श्रृंखला के रूप में किए जाने के अंतर्गत दिनांक 23 अक्टूबर, 2021 को वाराणसी में, दिनांक 27 अक्टूबर, 2021 को प्रयागराज में, एवं दिनांक 31 अक्टूबर,2021 को लखनऊ में सफलतापूर्वक किया गया।

इन कार्यक्रमों में पद्मविभूषण गिरिजा देवी जी की प्रमुख शिष्य-शिष्याओं एवं अन्य गायक कलाकारों ने अपनी -अपनी गायन कला का प्रदर्शन बहुत ही सराहनीय ढंग से किया जिसकी उपस्थित जन गणमान्य अतिथियों एवं जन समूह द्वारा प्रशंसा की गयी कार्यक्रमों का विवरण निम्नवत है-


दिनांक- 23.10.2021
स्थान -रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय कोऑपरेशन एवं कन्वेंशन सेन्टर, सिगरा वाराणसी

उत्तर प्रदेश  संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उ0प्र0) द्वारा दिनांक  23 अक्टूबर, 2021 को रुद्राक्ष प्रेक्षागृह, वाराणसी, में पद्मविभूषण गिरिजा देवी जी की स्मृति में भव्य समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर अकादमी सचिव, श्री तरुण राज ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन एवं अकादमी की गतिविधियों के सम्बन्ध में विस्तार से विचार रखे एवं विदुषी गिरिजा देवी जी को पुष्पांजलि अर्पित की।
‘‘पुष्पांजलि’’ में आयोजित संगीत कार्यक्रमों में विदुषी गिरिजा देवी की प्रमुख  शिष्याओं - पद्मश्री मालिनी अवस्थी, लखनऊ, सुश्री मानसी मजूमदार, कोलकाता, के गायन के साथ रामपुर सहसवान घराने के प्रसिद्ध गायक उस्ताद राशिद खां, कोलकाता ने भी अपने गायन से सुविख्यात गायिका पद्मविभूषण गिरिजा देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की।


दिनांक  - 27.10.2021
स्थान - उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र प्रेक्षागृह सी.एस.पी. सिंह मार्ग, प्रयागराज

उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उ0प्र0) द्वारा दिनांक  27 अक्टूबर, 2021 को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र प्रेक्षागृह, प्रयागराज में पद्मविभूषण गिरिजा देवी जी की स्मृति में भव्य समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर अकादमी सचिव, श्री तरुण राज ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन एवं अकादमी की गतिविधियों के सम्बन्ध में विस्तार से विचार रखे एवं विदुषी गिरिजा देवी जी को पुष्पांजलि अर्पित की।  विशिष्ट अतिथि के रूप में आये सांस्कृतिक केन्द्र के निदेशक श्री सुरेश शर्मा ने कहा, विदुषी गिरिजा देवी की स्मृति में समारोह होना प्रयागराज के लिए सम्मान की बात है।
‘‘पुष्पांजलि’’ में आयोजित संगीत कार्यक्रम में वाराणसी के राहुल-रोहित मिश्र ने यमन कल्याण में टप ख्याल-झम झम झमके..... ठुमरी में मोरा सैया बुलावे नहीं बोली हमसे और कोई अचक लचक मोहनी सूरत आवे सुनाकर दर्शकों से वाहवाही ली। आगरा की कलाकार रीता देव ने राग-मारू विहाग की मध्य लय तीन ताल की रचना पलक न लागी नदिया तू धीरे बहो रे... ठुमरी कहे रैन प्रस्तुत करके लोगों को आनंदित किया।


दिनांक  - 31-10-2021
स्थान- उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, गोमती नगर, लखनऊ

उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उ0प्र0) द्वारा सुविख्यात शास्त्रीय-उपषास्त्रीय गायिका पद्मविभूषण गिरिजा देवी जी की स्मृति में किये जाने वाले संगीत समारोह ‘‘पुष्पांजलि’’ शीर्षक से भव्य समारोह का आयोजन दिनांक 23.10.2021 को वाराणसी एवं दिनांक 27.10.2021 को प्रयागराज में किया गया। इसी कड़ी की श्रृंखला के अन्तर्गत दिनांक  31.10.2021 को संत गाडगे जी महाराज प्रेक्षागृह, लखनऊ में भी ‘पुष्पांजलि’’ कार्यक्रम सफलतापूर्वक किया गया।
आरम्भ में अकादमी के सचिव तरुण राज ने स्वागत करते हुए आयोजन एवं अकादमी की गतिविधियों के सम्बन्ध में विस्तार से विचार रखे और इस श्रृंखला के अन्तर्गत वाराणसी एवं प्रयागराज में आयोजित हुए कार्यक्रमों की जानकारी दी और बताया कि इन कार्यक्रमों के सीधे प्रसारण से हजारों संगीतप्रेमी जुड़े हैं और इसका आनंद लिया है।
समारोह में अपने गुरू को याद करते हुए भावुक हो उठीं विदुषी गिरिजा देवी की प्रमुख शिष्या एवं सुपरिचित लोकगायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने कहा कि विभूतियों को याद करने से नई पीढ़ी के समक्ष नजीर प्रस्तुत होता है। गुरू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से चर्चा करते पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने कहा कि भाग्यवान वे शिष्य शिष्याएं होते हैं जिन्हें उनकी तरह गुरू मिलते हैं।
‘पुष्पांजलि’ में हुए संगीत कार्यक्रमों में जहां विदुषी गिरिजा देवी की प्रमुख शिष्याओं-सुनंदा शर्मा (नई दिल्ली) एवं रूपान सरकार (देहरादून) ने सुरों से गुरू को नमन किया वहीं बनारस घराने के प्रतिनिधि गायक पंडित साजन मिश्र (नई दिल्ली) ने अपने पुत्र पंडित स्वरांश मिश्र के साथ गायन प्रस्तुत कर विख्यात गायिका को श्रद्धांजलि अर्पित की।
संगीत की नई पीढ़ी को मंच प्रदान करने के लिए समारोह में अकादमी की संगीत प्रतियोगिताओं के विजेताओं के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। लखनऊ के आराध्य श्रीवास्तव ने राग-केदार में बड़ा एवं छोटा ख्याल तथा तराना सुनाया। कानपुर की वत्सला वाजपेयी ने राग-बागेश्री में ध्रुपद एवं खयाल के उपरांत गजल-मैं हवा हूं कहाँ वतन मेरा.. सुनाया। इस मौके पर अकादमी के कथक केंद्र की प्रदेश की महत्वपूर्ण विभिन्न प्रस्तुतियों में भाग लेने वाले प्रशिक्षकों एवं विद्यार्थियों को समारोह में पुरस्कृत किया गया।