प्रादेशिक नाट्य समारोह 2025-26

उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उ0प्र0) द्वारा ज़िला प्रशासन, मेरठ एवं चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के सहयोग से आयोजित त्रिदिवसीय प्रादेशिक नाट्य समारोह का आयोजन दिनांक 23 से 25 फरवरी, 2026, तक प्रतिदिन सायं 6ः00 बजे से अटल सभागार, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में किया जा रहा है। इसी के अन्तर्गत दिनांक 23 फरवरी, 2026 को प्रथम दिवस मुख्य अतिथि डॉ. सोमेन्द्र तोमर (ऊर्जा राज्य मंत्री, उ0प्र0) व अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवल के उपरान्त नाटक ‘‘दरोगाजी चोरी हो गई’’ का मंचन किया गया।

इस अवसर पर डॉ0 सोमेन्द्र तोमर वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल शर्मा, विनोद बेचैन, जितेन्दर सी राज, हेमन्त गोयल, रूपाली गुप्ता, सीमा समर, सीमा कौशिक, अशोक गंभीर, राशिद युसूफ, संस्कार भारती के डॉ0 सुधाकर आशावादी, शील वर्धन गुप्ता, डॉ दिशा दिनेश, डॉ0 अश्विनी शर्मा व अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

द्वितीय दिवस दिनांक 24 फरवरी, 2026 को मेरठ छावनी के विधायक श्री अमित अग्रवाल एवं चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुल सचिव श्री अनिल कुमार यादव द्वारा एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवल के उपरान्त नाटक ‘‘हाय हैण्डसम’’ का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गय कि मनुष्यों को युवावस्था से ज्यादा वृद्धावस्था में जीवन साथी की आवश्यकता होती है, व्यक्ति को उम्र से भले ही सेवानिवृत्त होना पड़े पर जीवन से कभी सेवानिवृत्त नहीं होना चाहिए।

इस अवसर पर स्वांग शाला की चेयर पर्सन डॉ0 सुधा शर्मा, वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल शर्मा, जितेन्दर सी राज, हेमन्त गोयल, सीमा समर, सीमा कौशिक, अशोक गंभीर, संस्कार भारती के शील वर्धन गुप्ता डॉ0 अश्विनी शर्मा, पत्रकार ओ.पी. सक्सेना व अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उ0प्र0) द्वारा ज़िला प्रशासन, मेरठ एवं चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के सहयोग से आयोजित त्रिदिवसीय प्रादेशिक नाट्य समारोह का आयोजन दिनांक 23 से 25 फरवरी, 2026, तक प्रतिदिन सायं 6ः00 बजे से अटल सभागार, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में किया जा रहा है। इसी के अन्तर्गत तीसरे एवं समापन दिवस पर दिनांक 25 फरवरी, 2026 को समारोह का शुभारम्‍भ मेरठ हापुड़ के सांसद व अभिनेता श्री अरुण गोविल, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्‍ला एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवल के उपरान्त नाटक ‘‘दिल की दुकान'’ का मंचन किया गया। नाटक की कथावस्तु तीन परिवारों पर केन्द्रित है, जिनकी पत्नियां अपने पति की आदतों से परेशान रहती हैं, और उन्‍हें एक दिल की दुकान पर मिलती हैं जहां हर प्रकार के दिल बिकते हैं, वे अपने पतियों के दिल बदलवा देती है। नाटक के माध्यम से यह दर्शाया गया है कि जो कुछ भी हमें मिला है वह सबसे अच्‍छा है, हमें उसी में खुश रहना चाहिए।

इस अवसर पर पूर्व सांसद माननीय राजेन्‍द्र अग्रवाल, अरुण वशिष्ठ, स्वांग शाला की चेयरपर्सन डॉ0 सुधा शर्मा, प्रसिद्ध ज्‍योतिषविज्ञ भारत भूषण, वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल शर्मा, जितेंद्र सी राज, हेमंत गोयल, सीमा समर, सीमा कौशिक, मो0 आबिद सैफी, डॉ0 अश्विनी शर्मा, पत्रकार ओ.पी. सक्सेना व अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।