कार्यशालाएं 2025-26
उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ द्वारा दिनांक 27 मई से 26 जून तक आयोजित ग्रीष्मकालीन प्रस्तुतिपरक कार्यशालाओं की कड़ी के अन्तर्गत दिनांक 01 जुलाई, 2025 को अकादमी परिसर में वृहद स्तर पर विभिन्न सांगितिक कार्यशालाओं की प्रस्तुतियों का आयोजन संत गाडगेजी महाराज प्रेक्षागृह में किया गया। जिसमें पांच वर्ष से 75 वर्ष के कलाकारों ने बढ़-चढ़ कर उल्लास के साथ अपनी सहभागिता करते हुए अपनी अभिनव कला का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री जयवीर सिंह, में विशिष्ट अतिथियों के रूप में मुख्य रूप से संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, संस्कृति मंत्री के सलाहकार जे०पी०सिंह, डॉ0 देवेन्द्र त्रिपाठी तथा अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयन्त खोत, उपाध्यक्ष सुश्री विभा सिंह एवं अकादमी निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर आदि उपस्थित रहे और दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया।
मा0 संस्कृति मंत्री ने उपस्थित महानुभावों को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से इस वर्ष सभी 75 जिलों में संगीत एवं नाट्य की विभिन्न विधाओं में कार्यशालाओं का आयोजन वृहद स्तर पर किया गया।
अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत ने बताया कि उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी की ओर से 27 मई से 26 जून तक आयोजित ग्रीष्मकालीन प्रस्तुतिपरक कार्यशालाओं की कड़ी में अकादमी परिसर में पहली बार, वृहद स्तर पर विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। अकादमी अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत, उपाध्यक्ष विभा सिंह और निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर के मार्गदर्शन में शास्त्रीय गायन जिसमें ख़्याल तराना, उपशास्त्रीय गायन में ठुमरी, दादरा, टप्पा, भजन के साथ-साथ तबला वादन, कथक नृत्य और अवधी लोकगीत गायन का प्रशिक्षण दिया गया।
समारोह में केवल कुमार के निर्देशन में लोक गायन की प्रस्तुतियां हुई। राहुल अवस्थी के निर्देशन में शास्त्रीय गायन की सुमधुर प्रस्तुतियां हुई। उस्ताद गुलशन भारती के निर्देशन में हुई उपशास्त्रीय प्रस्तुति में प्रतिभागियों ने दादरा एवं ठुमरी की विभिन्न प्रस्तुतियां दी। तत्पश्चात् डॉ. पवन कुमार के निर्देशन में तबला वादन की प्रस्तुति हुई। इसके उपरान्त कार्यक्रम के अन्त डॉ0 मंजू मलकानी एवं नीता जोशी के निर्देशन में कथक की मनोहारी प्रस्तुतियां हुई। कार्यक्रम का संचालन सुश्री मोहिता देवास्कर द्वारा किया गया।
अन्त में कार्यक्रम का समापन अकादमी उपाध्यक्ष सुश्री विभा सिंह द्वारा सभी को धन्यवाद् ज्ञापित कर किया गया।
उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उ0प्र0) द्वारा दस्तक, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 27 मई से 26 जून, 2025 तक आयोजित प्रस्तुतिपरक नाट्य कार्यशाला की प्रस्तुति नाटक “बड़े आ से आज़ादी” का मंचन 03 जुलाई, 2025 को संत गाडगेजी महाराज प्रेक्षागृह में शुभम तिवारी की परिकल्पना एवं निर्देशन में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री रणवीर प्रसाद, (प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग एवं बांट माप विभाग, उ0प्र0शासन,) विशिष्ट अतिथि रंजन कुमार, (प्रमुख सचिव, आयुष एवं खाद्य, सुरक्षा एवं ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन विभाग, उ0प्र0 शासन,) अकादमी के अध्यक्ष प्रो.जयंत खोत, उपाध्यक्ष विभा सिंह, निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया। इसके उपरान्त अकादमी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं निदेशक ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि और नाटक के निर्देशक को अंगवस्त्र, पुष्प और पौध भेंट कर उनका अभिनंदन किया। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि ने अकादमी द्वारा प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक किये जा रहे नाट्य कला के बीजारोपण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। अकादमी के अध्यक्ष प्रो.जयंत खोत ने प्रदेश के 75 जिलों में संचालित वृहद गतिविधियों की जानकारी दी।
आयोजित किए गए नाटक “बड़े आ से आजादी’’ काकोरी एक्शन प्लान पर आधारित था। जिसका उदद्ेश्य लोगों का मनोरंजन मात्र करना नहीं था बल्कि यह स्मरण कराना था कि आखिर कितने संघर्षों और बलिदानों के बाद आज भारत वासियों को आज़ाद मुल्क में सांस लेने का अवसर मिला है। इसके साथ ही इस प्रभावी नाट्य प्रस्तुति ने यह संदेश भी दिया कि “मृत्यु” अटल सत्य है पर जो देश पर कुर्बान होता है वह “अमर” हो जाता है। वास्तव में इस नाटक के माध्यम से भारत मां के उन वीर सपूतों को नमन किया गया जिन्होंने देश के लिए अपनी जान हंसते-हंसते बलिदान कर दी। कार्यक्रम में डॉ0 अनिल रस्तोगी, पोस्ट मास्टर जनरल कर्नल विनोद तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस आयोजन में संस्कृति एवं पर्यटन विभाग उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव आई.ए.एस. मुकेश कुमार मेश्राम, संस्कृति निदेशालय के निदेशक आई.ए.एस विशाल सिंह, संस्कृति विभाग के विशेष सचिव आई.ए.एस. संजय कुमार सिंह और दस्तक की सचिव वीना राना का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम के संचालन का दायित्व जया श्रीवास्तव ने निभाया।