बेगम अख्तर स्मृति समारोह ‘यादें’ 2020-21

उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ द्वारा मलिका-ए-तरन्नुम पद्मभूषण बेगम अख्तर की स्मृति में दिनांक 30 अक्टूबर, 2021 को ‘यादें’ शीर्षक से गज़ल ठुमरी गायन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त आई.ए.एस अधिकारी रमेश मिश्र, संध्या की कलाकार पूजा गायतोंडे, विदुषी गिरिजा देवी की शिष्या रूपान सरकार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर संध्या का शुभारंभ किया, अकादमी सचिव श्री तरुण राज ने अतिथियों और कलाकारों का स्वागत करते हुए कहा कि वार्षिक कार्यक्रमों के आयोजन की अपनी परंपरा को अकादमी ने कायम रखा है। उन्होंने कहा कि हालांकि कोरोना के भय के कारण संगीत प्रेमी अभी भी प्रेक्षागृह में आने से बच रहे हैं लेकिन सीधे प्रसारण के जरिए हजारों लोग अकादमी के कार्यक्रम को देख रहे और उसका आनंद ले रहे हैं। हमारे सीधे प्रसारण पर हजारों संगीत प्रेमियों की प्रतिक्रिया मिल रही है और उन्हें घर बैठे ही कार्यक्रमों का आनंद मिल रहा है।

अकादमी द्वारा बेगम अख्तर की पुण्यतिथि पर आयोजित किए जाने वाले ‘यादें’ समारोह में मुंबई की पूजा गायतोंडे ने गायन प्रस्तुत करते हुए उनकी रचनाओं की प्रस्तुति की। उन्होंने इस मौके पर बेगम अख्तर की गाई कई प्रसिद्ध गजलों को सुनाकर उनकी याद ताजा कर दी।

आयोजित कार्यक्रम का आरंभ बेगम अख्तर की गाई और प्रसिद्ध शायर कैफी आजमी की लिखी गजल - ‘बस एक झिझक है यही हाल-ए-दिल सुनाने में, कि तेरा जिक्र भी आएगा इस फसाने में..’ से किया अपनी दूसरी प्रस्तुति के रूप में बेगम अख्तर की गाई प्रसिद्ध गजल- ‘ऐ मोहब्बत तेरे अंजाम पे रोना आया..’ सुनाई, इस पर उपस्थित श्रोता बेगम की गायकी की यादों में डूब गए।